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लखीमपुर-खीरी सदाशिव लीलाधारी बाबा जंगली नाथ मखडिमरा शिव मंदिर आस्था का केंद्र बिंदु।

सावन के पहले सोमवार पर भक्तों का उमड़ा शैलाब

*सदाशिव लीलाधारी बाबा जंगली नाथ मखडिमरा शिव मंदि।*

लखीमपुर-खीरी।यह शिव मंदिर लखीमपुर खीरी से दक्षिण दिशा में ब्लाक मितौली के दतेली कलां गांव के पास पिपरझला से हरगांव मार्ग से उत्तर पांच सौ मीटर की दूरी पर सरायन नदी के उत्तरायण किनारे पर स्थित है। वैसे तो पूरे वर्ष यहां पर भक्तों का आवागमन रहता है, सावन माह में शिव मंदिर शिव भक्तों के लिए विशेष आस्था का केंद्र बिंदु बना हुआ है, दूर-दूर से कांवरिया यहां कावड़ चढ़ाने के लिए भी आते हैं।

*विशेषता*
बाबा सदाशिव लीलाधारी जंगली नाथ मंदिर में स्थापित शिवलिंग की विशेषता यह है दिन में शिवलिंग के कई रंग परिवर्तित होते हैं, नदी का किनारा शुद्ध प्राकृतिक पर्यावरण से भरपूर शांति वातावरण शिव साधना के लिए बहुत ही अनुकूल है।

*इतिहास*

इस मंदिर के संबंध में लोगों का कहना है यहां पर बहुत घना बेल वृक्षों का जंगल था, इस स्थान का वर्णन आल्हा ऊदल से जुड़ा हुआ भी बताया जाता है, कितना प्राचीन इतिहास से सही से नहीं बताया जा सकता, कालांतर में इस स्थान से कंकड़ों खुदाई की जा रही थी, खुदाई में अरघा सहित शिवलिंग की प्राप्ति हुई, पजेस शिवलिंग को यहां पर लक्ष्मण नाम के खुदाई करने वाले ने स्थापित कर दिया धीरे-धारे यहां पर एक विशाल का है शिव मंदिर बनकर तैयार हो गया है, शिव मंदिर के साथ-साथ यहां पर सती माता का मंदिर बालाजी का मंदिर बनकर तैयार हैं।

*श्रद्धालु*

श्रद्धालु प्रेम किशोर अवस्थी धर्म जागरण प्रमुख अवध प्रांत काफी दिनों से इस मंदिर पर आ रहा हूं भगवान भोलेनाथ की कृपा से मेरी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो रही है उत्तम साधन का केंद्र बिंदु बाबा जंगली नाथ मखडिमरा का मंदिर है।

*पुजारी मुन्ना लाल गिरी*

इस मंदिर पर पुजारी मुन्ना लाल गिरी काफी हादसे से मंदिर की देखरेख कर रहे हैं इस शिव मंदिर के लिए उनमें विशेष आस्था है, पुजारी ने बताया यहां पूरे वर्ष भक्तों का ताता लगा रहता है, सावन माह में प्रत्येक सोमवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं पुष्प बेल पत्र अक्षत धूप दीप आदि अर्पित कर अपने को धन्यवाद, मंदिर को भव्यता प्रदान करने में स्वर्गीय सुभाष चंद्र मिश्र का विशेष सहयोग रहा।

 

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